गुजरात जीएसटी राजस्व अक्टूबर 2026 में 16% बढ़ा – लोक सामना
अक्टूबर 2026 में गुजरात ने ₹13,516 करोड़ का घरेलू जीएसटी जुटाया, जो सालाना आधार पर 16% अधिक है। राज्यों में गुजरात तीसरे स्थान पर रहा।

अहमदाबाद, 2 नवंबर 2026: गुजरात जीएसटी राजस्व अक्टूबर 2026 में सालाना आधार पर 16% बढ़कर ₹13,516 करोड़ हो गया। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 1 नवंबर को ये अस्थायी आंकड़े जारी किए। इसके साथ ही गुजरात घरेलू जीएसटी संग्रह में देश के शीर्ष तीन राज्यों में बना हुआ है।
यह बढ़ोतरी राज्य की लगातार मज़बूत रफ़्तार को भी दिखाती है। जुलाई से हर महीने गुजरात के जीएसटी में दहाई अंकों की वृद्धि हुई है। वहीं, देश का सकल जीएसटी संग्रह 22.9% उछलकर ₹2.31 लाख करोड़ पहुंच गया। यह चार साल से अधिक समय में सबसे तेज़ बढ़ोतरी है।
संक्षिप्त उत्तर: अक्टूबर 2026 में गुजरात ने ₹13,516 करोड़ का घरेलू जीएसटी जुटाया। यह अक्टूबर 2025 के मुकाबले 16% अधिक है। राज्यों में गुजरात महाराष्ट्र (₹35,150 करोड़) और कर्नाटक (₹15,922 करोड़) के बाद तीसरे स्थान पर रहा।
मुख्य बातें एक नज़र में
- अक्टूबर 2026 में गुजरात का घरेलू जीएसटी संग्रह ₹13,516 करोड़ रहा।
- गुजरात जीएसटी राजस्व 16% बढ़ा, जो राष्ट्रीय घरेलू वृद्धि दर 15.8% से थोड़ा अधिक है।
- गुजरात महाराष्ट्र और कर्नाटक के बाद देश में तीसरे स्थान पर रहा।
- देश का सकल जीएसटी संग्रह 22.9% बढ़कर ₹2,31,290 करोड़ हुआ।
- रिफंड के बाद शुद्ध जीएसटी राजस्व 25.6% बढ़कर ₹2,03,356 करोड़ रहा।
- जुलाई से अक्टूबर 2026 तक गुजरात की मासिक जीएसटी वृद्धि 15% से 19% के बीच रही।
अक्टूबर 2026 में गुजरात जीएसटी राजस्व: मुख्य आंकड़े
अक्टूबर 2026 में गुजरात ने घरेलू जीएसटी से ₹13,516 करोड़ जुटाए। इस आंकड़े में आयातित वस्तुओं पर लगने वाला जीएसटी शामिल नहीं है।
रकम के हिसाब से 16% की बढ़ोतरी का मतलब है पिछले साल से लगभग ₹1,860 करोड़ अधिक। साथ ही, इस महीने देश के कुल ₹1,59,044 करोड़ घरेलू जीएसटी में गुजरात की हिस्सेदारी लगभग 8.5% रही।
| संकेतक | अक्टूबर 2026 |
|---|---|
| गुजरात का घरेलू जीएसटी संग्रह | ₹13,516 करोड़ |
| सालाना वृद्धि (गुजरात) | 16% |
| राज्यों में गुजरात का स्थान | तीसरा |
| देश के घरेलू जीएसटी में गुजरात की हिस्सेदारी | लगभग 8.5% |
| देश का सकल घरेलू जीएसटी राजस्व | ₹1,59,044 करोड़ (15.8% वृद्धि) |
अक्टूबर का संग्रह मुख्य रूप से सितंबर में हुए कारोबार को दर्शाता है। इसलिए ये आंकड़े पिछले महीने के व्यापार, उत्पादन और बिक्री की तस्वीर पेश करते हैं।
अक्टूबर 2026 में देश का जीएसटी संग्रह ₹2.31 लाख करोड़ पहुंचा
गुजरात की यह वृद्धि ऐसे महीने में आई जब पूरे देश का प्रदर्शन मज़बूत रहा। अक्टूबर 2026 में देश का सकल जीएसटी संग्रह ₹2,31,290 करोड़ रहा। अक्टूबर 2025 में यह लगभग ₹1.88 लाख करोड़ था।
इस बार सबसे बड़ा योगदान आयात का रहा। आयातित वस्तुओं पर जीएसटी 42.2% उछलकर ₹72,246 करोड़ पहुंच गया। दूसरी ओर, घरेलू जीएसटी राजस्व 15.8% बढ़कर ₹1,59,044 करोड़ रहा।
रिफंड भी बढ़े, लेकिन धीमी गति से। कुल रिफंड 6.5% बढ़कर ₹27,934 करोड़ रहे। नतीजतन, शुद्ध जीएसटी राजस्व 25.6% बढ़कर ₹2,03,356 करोड़ हो गया।
| घटक | अक्टूबर 2026 |
|---|---|
| केंद्रीय जीएसटी (CGST) | ₹42,935 करोड़ |
| राज्य जीएसटी (SGST) | ₹51,340 करोड़ |
| एकीकृत जीएसटी (IGST) | ₹1,37,015 करोड़ |
| सकल जीएसटी राजस्व | ₹2,31,290 करोड़ (22.9% वृद्धि) |
| रिफंड | ₹27,934 करोड़ (6.5% वृद्धि) |
| शुद्ध जीएसटी राजस्व | ₹2,03,356 करोड़ (25.6% वृद्धि) |
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले सात महीनों में सकल जीएसटी संग्रह ₹14,77,569 करोड़ रहा। यह पिछले साल की इसी अवधि से 13.2% अधिक है। इसी तरह, अप्रैल से अक्टूबर के बीच शुद्ध राजस्व 12.6% बढ़कर ₹12,69,486 करोड़ हो गया।
राज्यों को भी सीधा फ़ायदा हुआ। आईजीएसटी में हिस्सेदारी सहित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का कुल एसजीएसटी राजस्व अक्टूबर में ₹1,03,341 करोड़ रहा। यह पिछले साल के ₹91,358 करोड़ से 13% अधिक है।
गुजरात बनाम अन्य राज्य: गुजरात कहां खड़ा है
राज्यों में गुजरात ने देश के तीसरे सबसे बड़े जीएसटी योगदानकर्ता का स्थान बनाए रखा। हालांकि, इस महीने कुछ राज्यों की वृद्धि गुजरात से तेज़ रही।
| राज्य | घरेलू जीएसटी, अक्टूबर 2026 | वृद्धि |
|---|---|---|
| महाराष्ट्र | ₹35,150 करोड़ | 13% |
| कर्नाटक | ₹15,922 करोड़ | 18% |
| गुजरात | ₹13,516 करोड़ | 16% |
| तमिलनाडु | ₹11,661 करोड़ | 3% |
| हरियाणा | ₹11,529 करोड़ | 17% |
| उत्तर प्रदेश | ₹10,235 करोड़ | 24% |
| दिल्ली | ₹9,298 करोड़ | 10% |
कुल रकम के मामले में महाराष्ट्र अब भी काफ़ी आगे है। फिर भी, गुजरात की वृद्धि महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दिल्ली से तेज़ रही। बड़े राज्यों में उत्तर प्रदेश और बिहार ने 24-24% के साथ सबसे तेज़ वृद्धि दर्ज की।
तमिलनाडु की केवल 3% वृद्धि ध्यान खींचती है। इसी वजह से मासिक घरेलू संग्रह में गुजरात अब तमिलनाडु से लगभग ₹1,855 करोड़ आगे है।
वित्त वर्ष 2026-27 में गुजरात जीएसटी राजस्व की लगातार बढ़त
इस पूरे वित्त वर्ष में गुजरात जीएसटी राजस्व लगातार बढ़ा है। यानी अक्टूबर की बढ़त कोई अपवाद नहीं है।
- जुलाई 2026: घरेलू जीएसटी में सालाना 19% की वृद्धि।
- अगस्त 2026: संग्रह 15% बढ़कर ₹12,047 करोड़।
- सितंबर 2026: संग्रह 17% बढ़कर ₹12,222 करोड़।
- अक्टूबर 2026: संग्रह 16% बढ़कर ₹13,516 करोड़।
राज्य सरकार के अपने आंकड़े भी यही कहानी बताते हैं। राज्य सरकार के अनुसार, सितंबर 2026 में गुजरात का राज्य जीएसटी राजस्व 35% बढ़कर ₹8,167 करोड़ रहा। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच राज्य का जीएसटी राजस्व ₹49,858 करोड़ पहुंचा। यह पिछले साल के ₹38,540 करोड़ से 29% अधिक है।
गुजरात ने लगातार चार महीनों से 15% से 19% के बीच वृद्धि बनाए रखी है। इसलिए, 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद यह राज्य के सबसे मज़बूत वर्षों में से एक बन सकता है।
अक्टूबर में गुजरात जीएसटी राजस्व 16% क्यों बढ़ा
इस उछाल के कई कारण हैं। कुछ कारण गुजरात से जुड़े हैं, जबकि कुछ पूरे देश पर लागू होते हैं।
1. अक्टूबर 2025 का कम आधार
पिछले अक्टूबर में पूरे देश में जीएसटी वृद्धि कमज़ोर रही थी। जीएसटी 2.0 के तहत दरों में कटौती 22 सितंबर 2025 से लागू हुई थी। इसमें ज़्यादातर वस्तुओं को 5% और 18% के दो मुख्य स्लैब में रखा गया।
नतीजतन, अक्टूबर 2025 में राष्ट्रीय स्तर पर घरेलू जीएसटी केवल 2% बढ़ा था। उस महीने गुजरात की वृद्धि सिर्फ़ 6% थी। इसलिए इस बार तुलना कम आधार से हो रही है, जिससे वृद्धि का प्रतिशत ऊंचा दिखता है।
2. त्योहारों से पहले की मांग और स्टॉकिंग
अक्टूबर के आंकड़े मुख्य रूप से सितंबर की बिक्री दर्शाते हैं। गुजरात में व्यापारी आमतौर पर सितंबर में नवरात्रि और दिवाली के लिए माल भरते हैं। इस साल नवरात्रि अक्टूबर के मध्य में शुरू हुई और दिवाली 8 नवंबर को है। इसलिए सितंबर में थोक और खुदरा व्यापारियों ने जमकर खरीदारी की।
3. मज़बूत औद्योगिक आधार
गुजरात देश का बड़ा मैन्युफैक्चरिंग केंद्र है। इसके प्रमुख क्षेत्रों में केमिकल, पेट्रोकेमिकल, फार्मा, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, सिरेमिक और हीरा उद्योग शामिल हैं। साथ ही, राज्य के बंदरगाह देश के कार्गो का बड़ा हिस्सा संभालते हैं। जब कारखाने और व्यापार पूरी रफ़्तार से चलते हैं, तो जीएसटी संग्रह तेज़ी से बढ़ता है।
4. बेहतर अनुपालन
गुजरात सरकार ने हाल की जीएसटी बढ़त का श्रेय राज्य के अनुकूल कारोबारी माहौल को दिया है। सरकार ने करदाताओं के बढ़ते स्वैच्छिक अनुपालन को भी इसका कारण बताया है। इसके अलावा, ई-इनवॉइसिंग और डेटा आधारित जांच से देशभर में कर चोरी मुश्किल हुई है।
5. दरों में कटौती के बाद बढ़ी खपत
2025 के अंत से जीएसटी दरें घटने से कई वस्तुएं सस्ती हुई हैं। समय के साथ सस्ती वस्तुओं की बिक्री बढ़ती है। इसलिए दरें घटने के बावजूद कुल कर संग्रह बढ़ सकता है।
16% बढ़ोतरी का गुजरात के लिए क्या मतलब है
ज़्यादा जीएसटी राजस्व से राज्य के पास खर्च करने की अधिक गुंजाइश होती है। गुजरात कम उधार लेकर सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च कर सकता है। यह इसलिए अहम है क्योंकि राज्य मेट्रो, औद्योगिक कॉरिडोर और बंदरगाह विस्तार में निवेश कर रहा है।
कारोबारियों के लिए ये आंकड़े मज़बूत मांग का संकेत हैं। जीएसटी में तेज़ वृद्धि का मतलब आमतौर पर यह होता है कि कारखाने व्यस्त हैं और माल की आवाजाही तेज़ है। इसलिए निवेशक गुजरात को विस्तार के लिए स्थिर जगह मान सकते हैं।
आम नागरिकों पर इसका असर अप्रत्यक्ष है, लेकिन वास्तविक है। मज़बूत राज्य बजट से बेहतर सार्वजनिक सेवाएं मिल सकती हैं। इससे सुस्त वर्षों में भी कल्याणकारी खर्च स्थिर रखने में मदद मिलती है।
अंत में, ये आंकड़े संघीय वित्त व्यवस्था में गुजरात की स्थिति को मज़बूत करते हैं। शीर्ष योगदानकर्ताओं में से एक होने के नाते गुजरात देश के कर आधार में अहम भूमिका निभाता है।
अक्टूबर के जीएसटी संग्रह पर विशेषज्ञों की राय
कर विशेषज्ञ अक्टूबर के आंकड़ों को मज़बूत अर्थव्यवस्था का संकेत मानते हैं। ईवाई इंडिया के टैक्स पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अर्थव्यवस्था टिकी हुई है। उन्होंने हर महीने की स्थिर बढ़त को मज़बूत खपत और बेहतर अनुपालन से जोड़ा।
उन्हें उम्मीद है कि त्योहारी सीज़न में मांग बनी रहेगी। इससे नवंबर के आंकड़े भी मज़बूत रहने की संभावना है।
अन्य विश्लेषक आयात की भूमिका की ओर इशारा करते हैं, क्योंकि इस महीने आयात पर जीएसटी 42.2% उछला। हालांकि, घरेलू जीएसटी में 15.8% की वृद्धि दिखाती है कि स्थानीय कारोबार भी मज़बूत है। गुजरात के लिए घरेलू आंकड़ा ही ज़्यादा उपयोगी पैमाना है।
नवंबर 2026 में गुजरात जीएसटी राजस्व से क्या उम्मीद
नवंबर के आंकड़े 1 दिसंबर 2026 को आएंगे। ये अक्टूबर के कारोबार को दर्शाएंगे, जिसमें नवरात्रि और दिवाली से पहले की खरीदारी शामिल है।
गुजरात में नवरात्रि बड़े पैमाने पर मनाई जाती है। इस दौरान कपड़े, गहने, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और यात्रा पर खर्च आमतौर पर तेज़ी से बढ़ता है। इसलिए नवंबर के जीएसटी आंकड़े भी राज्य के लिए मज़बूत रह सकते हैं।
साथ ही, 2025 के कम आधार का असर धीरे-धीरे खत्म होगा। नवंबर 2025 में राष्ट्रीय संग्रह 1% से भी कम बढ़ा था, इसलिए एक और महीने तुलना अनुकूल दिख सकती है। इसके बाद वृद्धि दर सामान्य स्तर पर आ सकती है।
पाठकों और कारोबारियों के लिए अहम सवाल यह है कि त्योहारी बढ़त खत्म होने के बाद क्या गुजरात 15% से ऊपर की वृद्धि बनाए रख पाएगा। दिसंबर के बाद के आंकड़े इसका जवाब देंगे।
जीएसटी की शब्दावली समझें: CGST, SGST, IGST और घरेलू जीएसटी
जीएसटी की खबरों में कई शब्द इस्तेमाल होते हैं। यहां आसान भाषा में इनका मतलब है।
- CGST (केंद्रीय जीएसटी): राज्य के भीतर बिक्री पर केंद्र द्वारा वसूला जाने वाला कर।
- SGST (राज्य जीएसटी): राज्य के भीतर बिक्री पर राज्य द्वारा वसूला जाने वाला कर।
- IGST (एकीकृत जीएसटी): एक राज्य से दूसरे राज्य में बिक्री और आयात पर लगने वाला कर। इसका एक हिस्सा बाद में राज्यों को मिलता है।
- घरेलू जीएसटी: देश के भीतर हुए लेन-देन से जुटाया गया कुल जीएसटी। इसमें आयातित वस्तुओं पर जीएसटी शामिल नहीं होता।
- सेटलमेंट के बाद एसजीएसटी: राज्य का अपना एसजीएसटी और आईजीएसटी में उसका हिस्सा। यही वह रकम है जो वास्तव में राज्य के पास रहती है।
₹13,516 करोड़ का आंकड़ा गुजरात का घरेलू जीएसटी संग्रह है। यानी यह गुजरात के भीतर जुटाया गया कुल कर है, सिर्फ़ राज्य का हिस्सा नहीं।
ध्यान रखने वाली बातें
पहली बात, सभी आंकड़े अस्थायी हैं। अंतिम रूप देते समय सरकार इनमें मामूली बदलाव कर सकती है।
दूसरी बात, वृद्धि का एक हिस्सा अक्टूबर 2025 के कम आधार की वजह से है। असली परीक्षा अगले कुछ महीनों में होगी, जब यह असर खत्म होगा।
तीसरी बात, राष्ट्रीय वृद्धि में आयात की बड़ी भूमिका रही। वहीं, गुजरात का आंकड़ा केवल घरेलू संग्रह का है। इसलिए गुजरात की 16% वृद्धि स्थानीय आर्थिक गतिविधि का ज़्यादा साफ़ संकेत है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
अक्टूबर 2026 में गुजरात ने कितना जीएसटी जुटाया?
अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में गुजरात ने ₹13,516 करोड़ का घरेलू जीएसटी जुटाया।
अक्टूबर 2026 में गुजरात जीएसटी राजस्व कितना बढ़ा?
अक्टूबर 2026 में गुजरात जीएसटी राजस्व सालाना आधार पर 16% बढ़ा।
अक्टूबर 2026 में सबसे ज़्यादा जीएसटी किस राज्य ने जुटाया?
महाराष्ट्र ने सबसे ज़्यादा ₹35,150 करोड़ जुटाए। कर्नाटक ₹15,922 करोड़ के साथ दूसरे और गुजरात तीसरे स्थान पर रहा।
अक्टूबर 2026 में देश का कुल जीएसटी संग्रह कितना रहा?
देश का सकल जीएसटी संग्रह 22.9% बढ़कर ₹2,31,290 करोड़ रहा। रिफंड के बाद शुद्ध संग्रह ₹2,03,356 करोड़ रहा।
अक्टूबर 2026 में जीएसटी संग्रह तेज़ी से क्यों बढ़ा?
आयात पर जीएसटी में 42.2% उछाल, त्योहारों से पहले की मज़बूत मांग और अक्टूबर 2025 के कम आधार से यह बढ़त आई।
हर महीने जीएसटी संग्रह के आंकड़े कब जारी होते हैं?
सरकार आमतौर पर हर महीने के जीएसटी आंकड़े अगले महीने की पहली तारीख को जारी करती है।
निष्कर्ष
अक्टूबर 2026 में गुजरात जीएसटी राजस्व 16% बढ़कर ₹13,516 करोड़ हो गया। इससे गुजरात राज्यों में तीसरे स्थान पर बना रहा और लगातार चौथे महीने 15% से 19% की वृद्धि दर्ज की। वहीं, देश का जीएसटी संग्रह चार साल से अधिक की सबसे तेज़ वृद्धि के साथ ₹2.31 लाख करोड़ पहुंच गया।
इस महीने कम आधार और त्योहारों से पहले की मांग ने मदद की। फिर भी, गुजरात का स्थिर प्रदर्शन मज़बूत उद्योग और बेहतर अनुपालन की ओर इशारा करता है। नवंबर के आंकड़े बताएंगे कि दिवाली के बाद राज्य यह रफ़्तार बनाए रख पाता है या नहीं।
आंकड़ों का स्रोत: जीएसटीएन और वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1 नवंबर 2026 को जारी अस्थायी जीएसटी राजस्व आंकड़े।




