दिवाली से पहले AMC ने अहमदाबाद में 40,000 किलो संदिग्ध घटिया मावा जब्त किया
The AMC Food Department seized about 40,000 kg of suspected substandard mava from a cold storage in Gomtipur ahead of Diwali. The stock, reportedly of Radhika Food Products, had no expiry date or batch number. Samples are under test.
अहमदाबाद, 28 अक्टूबर 2026: त्योहारों से पहले AMC ने मावा जब्त किया है और यह कार्रवाई काफी बड़ी है। अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के फूड विभाग ने गोमतीपुर इलाके के एक कोल्ड स्टोरेज से लगभग 40,000 किलो संदिग्ध घटिया मावा पकड़ा। यह छापा ऐसे समय पड़ा है, जब पूरे गुजरात में मिठाइयों की मांग सबसे ज्यादा होती है।
अधिकारियों के मुताबिक, स्टॉक पर कोई एक्सपायरी डेट नहीं थी। इस पर बैच नंबर भी नहीं था। इसलिए विभाग ने जांच शुरू कर दी है कि यह मावा खाने लायक है या नहीं।
AMC ने क्या जब्त किया?
AMC ने करीब 40,000 किलो मावा जब्त किया है। मावा को खोया भी कहते हैं। इसे दूध को धीमी आंच पर तब तक पकाकर बनाया जाता है, जब तक उसका ज्यादातर पानी उड़ न जाए। पेड़ा, बर्फी, गुलाब जामुन और हलवा जैसी कई मिठाइयां इसी से बनती हैं।
अधिकारियों के अनुसार, यह स्टॉक कथित तौर पर राधिका फूड प्रोडक्ट्स का है। यह कंपनी मिठाइयां बनाती है। अधिकारियों ने बताया कि इस मावे से भारतीय डेज़र्ट और राजवाड़ी मिठाइयां तैयार की जाती थीं।
सबसे बड़ी चिंता लेबल का न होना है। एक्सपायरी डेट के बिना यह पता नहीं चलता कि मावा कितना पुराना है। वहीं, बैच नंबर न होने से यह पता लगाना मुश्किल है कि इसे कब और कहां बनाया गया।
छापा कहां पड़ा?
यह छापा पूर्वी अहमदाबाद के व्यस्त इलाके गोमतीपुर के एक कोल्ड स्टोरेज में पड़ा। गोमतीपुर उन कोल्ड स्टोरेज यूनिट्स के लिए जाना जाता है, जहां शहर के मिठाई कारोबारी डेयरी स्टॉक रखते हैं।
AMC फूड विभाग के अधिकारी डॉ. तेजस शाह ने इस कारोबार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोमतीपुर के व्यापारी मावा को कोल्ड स्टोरेज में रखते हैं और बाद में मिठाई बनाने में इस्तेमाल करते हैं। उनके मुताबिक, करीब 15 से 20 व्यापारी इन जगहों पर 1 लाख किलो से ज्यादा मावा रखते हैं।
दूसरे शब्दों में, इस छापे में जब्त 40,000 किलो मावा इलाके में रखे कुल स्टॉक का बड़ा हिस्सा हो सकता है। यही वजह है कि विभाग अब ऐसे कोल्ड स्टोरेज की बारीकी से जांच कर रहा है।
दिवाली से पहले जांच क्यों?
गुजरात में दिवाली मिठाइयों की बिक्री का सबसे बड़ा मौसम है। लोग पूजा, मेहमानों और तोहफों के लिए मिठाइयां खरीदते हैं। इस कारण मावे की मांग तेजी से बढ़ जाती है।
हालांकि, ज्यादा मांग के साथ खतरा भी बढ़ता है। कुछ विक्रेता पहले से स्टॉक जमा कर लेते हैं और उसे लंबे समय तक रखते हैं। कुछ लोग इसमें सस्ती चीजें भी मिला देते हैं। इसीलिए हर त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा टीमें जांच तेज कर देती हैं।
गोमतीपुर का छापा एक बड़े अभियान का हिस्सा था। AMC की टीमों ने शहर के दूसरे ठिकानों पर भी जांच की। उन्होंने मिठाइयों और फरसाण (नमकीन) के सैंपल लिए। ये सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
आगे क्या होगा?
अगला कदम लैब रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। अधिकारियों ने कहा है कि जांच और टेस्ट के नतीजे आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अगर मावा जांच में फेल होता है, तो मामला खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे बढ़ सकता है। इस कानून में घटिया या गलत लेबल वाला खाना बेचने पर भारी जुर्माने का प्रावधान है। असुरक्षित खाना बेचने पर और कड़ी सजा हो सकती है। फिलहाल कोई अंतिम नतीजा घोषित नहीं हुआ है। तब तक स्टॉक जब्त रहेगा।
गुजरात में मिलावट पर बढ़ती सख्ती
इस महीने यह अकेली कार्रवाई नहीं है। कुछ दिन पहले, 26 अक्टूबर को जूनागढ़ में नकली गिर गाय घी बनाने वाली यूनिट पकड़ी गई थी। वहां से 500 किलो स्टॉक जब्त हुआ था।
इन मामलों से एक साफ पैटर्न दिखता है। त्योहारों से पहले जांच टीमें डेयरी उत्पादों पर खास ध्यान दे रही हैं। घी, मावा और पनीर महंगे उत्पाद हैं, इसलिए मिलावटखोर अक्सर इन्हें निशाना बनाते हैं।
मावा शुद्ध है या नहीं, कैसे जांचें?
घर और दुकान पर आप कुछ आसान कदम उठा सकते हैं। ये लैब टेस्ट की जगह नहीं लेते। फिर भी, इनसे आप साफ तौर पर दिखने वाली गड़बड़ी से बच सकते हैं।
- लेबल देखें। पैक मावे पर बनने की तारीख, बेस्ट-बिफोर डेट और बैच नंबर होना चाहिए।
- खुली मिठाई पर ध्यान दें। FSSAI के नियम के अनुसार, ट्रे में रखी खुली मिठाइयों पर बेस्ट-बिफोर डेट दिखाना जरूरी है।
- आयोडीन टेस्ट करें। थोड़ा मावा पानी में उबालें और ठंडा होने दें। फिर आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। रंग नीला हो जाए, तो उसमें स्टार्च मिला हो सकता है।
- गंध और बनावट देखें। शुद्ध मावे में दूध जैसी खुशबू आती है। यह रबड़ जैसा, खट्टा या बहुत चिकना नहीं होना चाहिए।
- भरोसेमंद दुकान से खरीदें। ऐसी दुकान चुनें जहां FSSAI लाइसेंस नंबर लगा हो।
- बहुत सस्ते ऑफर से बचें। बाजार से बहुत कम दाम चेतावनी का संकेत हो सकता है।
मिलावट का शक हो, तो आप AMC फूड विभाग में शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा, FSSAI के उपभोक्ता शिकायत माध्यमों पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
अहमदाबाद के लोगों के लिए यह क्यों अहम है?
लगभग हर त्योहारी मिठाई में मावा इस्तेमाल होता है। इसलिए एक खराब बैच कुछ ही दिनों में हजारों घरों तक पहुंच सकता है। खराब या मिलावटी मावा पेट के संक्रमण, फूड पॉइजनिंग और उल्टी का कारण बन सकता है। बच्चों और बुजुर्गों को इससे ज्यादा खतरा होता है।
इसीलिए समय रहते जांच जरूरी है। दिवाली से पहले कार्रवाई करके AMC संदिग्ध स्टॉक को दुकानों तक पहुंचने से रोकना चाहता है। खरीदारों के लिए संदेश साफ है: लेबल जांचें, लाइसेंस वाली दुकान से खरीदें और सतर्क रहें।
एक नजर में मुख्य तथ्य
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| एजेंसी | AMC फूड विभाग |
| जब्त मात्रा | लगभग 40,000 किलो मावा |
| जगह | कोल्ड स्टोरेज, गोमतीपुर, अहमदाबाद |
| कंपनी | राधिका फूड प्रोडक्ट्स (कथित तौर पर) |
| मुख्य समस्या | एक्सपायरी डेट और बैच नंबर नहीं |
| उपयोग | भारतीय डेज़र्ट और राजवाड़ी मिठाइयां |
| इलाके में रखा मावा | 15–20 व्यापारियों का 1 लाख किलो से ज्यादा |
| अगला कदम | लैब टेस्ट; नतीजों के आधार पर कार्रवाई |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
AMC ने गोमतीपुर में कितना मावा जब्त किया?
AMC ने गोमतीपुर, अहमदाबाद के एक कोल्ड स्टोरेज से लगभग 40,000 किलो संदिग्ध घटिया मावा जब्त किया।
मावा क्यों जब्त किया गया?
स्टॉक पर न एक्सपायरी डेट थी और न बैच नंबर। अब अधिकारी जांच कर रहे हैं कि यह खाने लायक है या नहीं।
यह मावा किस कंपनी का है?
यह स्टॉक कथित तौर पर मिठाई बनाने वाली कंपनी राधिका फूड प्रोडक्ट्स का है।
जब्त मावे का क्या होगा?
जांच पूरी होने तक यह जब्त रहेगा। आगे की कार्रवाई जांच और लैब रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।
घर पर मावा कैसे जांचें?
थोड़ा मावा पानी में उबालें, ठंडा करें और आयोडीन डालें। नीला रंग स्टार्च की मिलावट का संकेत है। पक्की जांच के लिए लैब टेस्ट पर भरोसा करें।
स्रोत: DeshGujarat



